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Debashish अनुवादक परिचय

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अनुवादक की तस्वीर

परिचय Debashish

128 प्रविष्टियाँ ·

सदस्य बनने की तिथि 2007-08-7

Debashish Chakrabarty, a Software Consultant by profession and an Electrical Enginner by qualification, is based at Pune, India. He has been blogging in English as well as Hindi since 2002. He launched the first desi blog-awards called the Indibloggies and created the first ever Hindi blog aggregator Chittha Vishwa. He publishes a Hindi blogzine Nirantar, maintains the Bangla and Hindi blog directories and occassionaly dabbles in Hindi podcasting at Podbharti. Debashish has also been a DMOZ editor and contributing towards localization of softwares such as Wordpress, Gregarious, Pebble, IndicJoomla, IJoomla, Scuttle, Snap Shots, Blog Bar, among others. He has also been instrumental in beginning initiatives like Buno Kahani, a group blog where various authors literally weave a story and Anugunj - a web event hosted in turn by Hindi bloggers - where various bloggers write on a given topic. He also regularly contributes to the Hindi Wikipedia and the Hindi Lingua project of Global Voices. [More details]

ईमेल पता Debashish

2008-02-01

South Asia

मेट्रोब्लॉगिंग इस्लामाबाद, पाकिस्तान में कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न पर।

2008-01-30

उद्देश्यपूर्ण ब्लॉगिंग: ब्लॉग एडवोकेसी की ग्लोबल वायसेज़ मार्गदर्शिका

डाउनलोड करने हेतु चित्र पर क्लिक करें ग्लोबल वायसेज़ सहर्ष घोषणा करता है अनाम चिट्ठाकारी और सामाजिक व राजनैतिक बदलाव के लिये इंटरनेट आधारित औजारों के प्रभावी प्रयोग जैसे विषयों पर अनेक विचारित मार्गदर्शिकाओं में से दूसरी मार्गदर्शिका के विमोचन का।"ब्लॉग फॉर अ कॉज़ः द ग्लोबल वायसेज़ गाइड आफ ब्लॉग एडवोकेसी" ...

2008-01-28

Mozambique

जूलियो मोज़ाम्बीक में, जहाँ अनेक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, पाठशालाओं के नये सत्र की शुरुवात और देश में शिक्षा की दिक्कतों के बारे में लिखते हैं। “मैं तो शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में भी बात नहीं कर रहा। मैं सिर्फ बात कर रहा हूँ इस देश के हज़ारों बच्चों और युवाओं तक शिक्षा के पहुंच की।”

2007-12-13

Russia

टर्किश इंवेज़न ओका नामक कार के बारे में लिखते हैं, “मास्को में पिज्ज़ा डेलिवरी के लिये ओका कार का भारी प्रयोग होता है, क्योंकि जाहिर तौर पर सर्दियों में बाईक चलाने की तुलना में यह ज्यादा गर्म रहता है। पर इसे चलाने वाले शौकीन अब मुट्ठी भर ही बचे हैं, ज्यादातर रूसी बैंकों से आसान लोन लेकर शानदार एसयूवी चलाना पसंद करते हैं। नई ओका कार की कीमत लगभग 3000 डॉलर यानि तकरीबन 1.20 लाख रुपये है।”

Kenya

कुमेकूचा किन्याई वोटरों की तीन दिक्कतों पर ध्यान दिलाते हैं, “कबिलाई, भष्ट्राचार और छोटी याद्दाश्त। ये तीन विष हैं जो हमें 27 को वोट डालने के पहले अपने शरीर से झाड़ उतारने होंगे।”

Russia

गैरी कास्परोव ने राष्ट्रपति पद की चुनावी दौड़ से खुद को बाहर कर लिया है क्योंकि वे समूह मीटिंग के लिये कोई स्थल नहीं खोज पाये। साइबेरियन लाईट मायूस हैं कि कास्परोव ने बाहर जाने के लिये ये बहाना बनाया। “मेरा अनुमान है कि कास्परोव के निर्णय का असल कारण है कि उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिये ज़रूरी २० लाख हस्ताक्षर जुटाने की कोई उम्मीद नहीं थी और अगर वे इस प्रयास में ही असफल हो जाते तो ये राजनीतिक आत्महत्या ही हो जाती।”

Sudan

सूडान में जे़रबा एक पोस्टर को “मौत का पोस्टर” पुकारते हुये निंदा करते हैं जिसमें इलाज व बचाव के तरीके बताये बगैर मानव खोपड़ी और हड्डियों के सहारे लोगों को एड्स के खतरों के प्रति अगाह किया गया है। वे लिखते हैं कि एड्स अब कोई मौत की सज़ा नहीं रह गई है। गलत संदेश से “वायरस और बढ़ेगा” और “संक्रमितों को और अधिक कलंकित” माना जाने लगेगा।

2007-12-08

Jamaica

स्टनरर्स एफ्लिक्शन कहते हैं, “जी हाँ, ये नौ से ग्यारह जमात की लड़कियाँ अपने जिस्म महज़ 10 जमैकन डॉलर (लगभग 0.14 अमरीकी डॉलर या साढ़े 5 रुपये) में बेच रही हैं। इसे रोकने के लिये कुछ तो करना ही चाहिये।”

Egypt

“इस बात के सबूत मिल रहे हैं की सेना सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण के बारे में और लालची होती जा रही है, खास तौर पर जब मौके की ज़मीन और व्यवसायों की बात हो।” लिखते हैं मिस्र से द अरेबिस्ट जो सेना द्वारा कैरो के नज़दीक कुरसाया द्वीप के अधिग्रहण की योजना के बारे में खबर दे रहे हैं

2007-12-07

Russia

रोपर्ट एमस्टर्डम ब्लॉग लाईवजर्नल को हाल में खरीदने वाली कंपनी एसयूपी के निदेशक से सीएमएस वायर द्वारा लिये साक्षात्कार की निंदा करते हुये लिखता है, “रिपोर्टर ने बड़े नर्म सवाल पूछे और खास मुद्दों पर कोई पूछताछ नहीं की, मसलन अगर सुरक्षा एंजेसियाँ खास चिट्ठाकारों की व्यक्तिगत जानकारी चाहे तो एसयूपी की नीति क्या होगी।”