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आरएसएस फीड Elections

2009-04-16

आम चुनाव 2009: कुछ तथ्य, कुछ मिथक

16 अप्रेल 2009 को, भारत में आम चुनाव के पहले दौर की शुरुवात होगी और यह सिलिसिला 13 मई, 2009 तक चलेगा। 1947 में प्राप्त आजादी के बाद यह भारत का 15वां आम चुनाव है। पढ़िये विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावों के बारे में कुछ रोचक तथ्य।

India

लॉ एंड अदर थिंग्स चिट्ठे ने विदेशों में काम कर रहे या पढ़ रहे भारतियों को मतदान का अधिकार देने के कानूनी पक्ष की चर्चा करते हुये लिखा है, “इन्हें मतदान का अधिकार देने से उन्हें राजनीतिक रूप से सक्रीय बनाये रखने में मदद मिलेगी। साथ यह भी एहसास भी मिलेगा कि उनका अपने देश के भविष्य निर्माण में योगदान है।”

2009-04-15

India

मैपमाईइंडिया ने भारतीय मतदाताओं के लिये एक सेवा शुरु की है जिसके द्वारा वे आगामी लोकसभा चुनावों में सही मत देने हेतु जानकारी पा सकें। इस जालस्थल पर मतदाता अपने मतदान क्षेत्र के बारें में विस्तृत जानकारी पा सकते हैं जिसमें पार्टी और उनके प्रत्याशियों का लेखाजोखा सम्मिलित है।

भारतीय चुनावों में सेलिब्रिटी शक्ति

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान मुम्बई की एक रैली में काँग्रेस के उम्मीदवार मिलिंद देवरा के लिये चुनाव प्रचार करते हुयेचित्र: अल ज़जीरा, क्रियेटिव कॉमंस लायसेंस के तहत प्रयुक्त भारतीय फिल्म कलाकारों और फिल्मकारों का समाज पर खासा प्रभाव रहता है और डैनी बॉयल ने अपनी फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर ने इसे नाटकीय ...

2009-04-14

आम चुनावों में लगी जनता की पैनी नज़र

हम जिस युग में रह रहे हैं वहाँ जानकारियों का अतिभार है। ज्यों ज्यों नवीन मीडिया औजार ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बना रहे हैं, साधारण लोग भी अपना रुख और अपने इलाके की मौलिक खबरें मीडिया तक पहुंचा रहे हैं। ट्विटर और अन्य सिटिज़न मीडिया औजारों की ...

2008-04-07

South Asia

नेपाल में आगामी 10 अप्रेल को आम चुनाव होने जा रहे हैं। रेडियेंट स्टार इस मौके का जायजा ले रहा है।

2007-12-13

Kenya

कुमेकूचा किन्याई वोटरों की तीन दिक्कतों पर ध्यान दिलाते हैं, “कबिलाई, भष्ट्राचार और छोटी याद्दाश्त। ये तीन विष हैं जो हमें 27 को वोट डालने के पहले अपने शरीर से झाड़ उतारने होंगे।”

Russia

गैरी कास्परोव ने राष्ट्रपति पद की चुनावी दौड़ से खुद को बाहर कर लिया है क्योंकि वे समूह मीटिंग के लिये कोई स्थल नहीं खोज पाये। साइबेरियन लाईट मायूस हैं कि कास्परोव ने बाहर जाने के लिये ये बहाना बनाया। “मेरा अनुमान है कि कास्परोव के निर्णय का असल कारण है कि उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिये ज़रूरी २० लाख हस्ताक्षर जुटाने की कोई उम्मीद नहीं थी और अगर वे इस प्रयास में ही असफल हो जाते तो ये राजनीतिक आत्महत्या ही हो जाती।”

2007-12-05

रूसः पुतिन को मुसलमानों का साथ

विंडो ओन यूरेशिया रूसी मुसलमानों के वोट डालने के रूख के बारे में लिखते हैं, "Islam.ru के शोध विभाग के प्रमुख अब्दुल्ला रिनात मुखामेतोव के मुताबिक मुसलमानों ने यूनाईटेड रशिया के लिये वोट दिया और इस तरह पुतिन का साथ दिया, यह दिखाने के लिये कि वे एक शक्तिशाली, एकजूट ...

2007-09-07

जापान: जो बोया सो काटा

एंपोन्टेन जापान में पैसे, राजनीति और सरकार की लंबे समय से जारी साँठगाँठ के बारे में लिखते हैं जिसमें उन्होंने कृषि मंत्री मात्सुओका तोशीकात्सू पर आधारित एक पुस्तक के बारे में एक चिट्ठे का अनुवाद किया है। जापानी राजनीति में हुये पैसों के असंख्य घोटालों का ज़िक्र करते हुये वे ...