जोशुआ फाउस्ट रपट दे रहे हैं कि लंदन स्थित उज़बेकिस्तानी दूतावास ने नाराज़ शब्दों में उन खबरों का खंडन किया है जिनमें ये आरोप लगाये गये थे कि वहाँ कपास चुनने के लिये बच्चों का इस्तेमाल होता है या उन्हें इस काम के लिये मजबूर किया जाता है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि सत्तावाद की बपौती के रूप में मिली प्राकृतिक आपदा, अक्षमता और मासूमों का शोषण उनके मुल्क की प्रगति की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है।
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14 October 2008
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देबू भाई कुछ दिनों से मन में एक विचार चल रहा था, लोरियों को जमा...