लॉ एंड अदर थिंग्स चिट्ठे ने विदेशों में काम कर रहे या पढ़ रहे भारतियों को मतदान का अधिकार देने के कानूनी पक्ष की चर्चा करते हुये लिखा है, “इन्हें मतदान का अधिकार देने से उन्हें राजनीतिक रूप से सक्रीय बनाये रखने में मदद मिलेगी। साथ यह भी एहसास भी मिलेगा कि उनका अपने देश के भविष्य निर्माण में योगदान है।”
Latest stories परिचय Migration & Immigration
16 April 2009
21 May 2008

नेपालः हिंसा और आप्रवासी
काठमांडू स्पीक्स ने दक्षिण अफ्रीका में “बाहरी लोगों” के साथ हो रही हिंसा, और दुनिया के अन्य हिस्सों में आप्रवासियों के खिलाफ इसी तरह के विरोधों पर चिंता जताते हुये अपने ब्लॉग पर लिखा है।
3 November 2007

आर्मीनियाः खुला पत्र
तुर्की लेखक व चिट्ठाकार मुस्तफा अक्योल की आर्मीनियाई जातिसंहार विषय पर आप्रवासी आर्मीनियाई को लिखे खुले पत्र का जवाब “लाईफ इन आर्मीनिया” चिट्ठे के लेखक रफी ने तुर्की नागरिकों को लिखे अपने खुले पत्र से दिया है। 1915 से 1917 के बीच हुई घटनाओं को जातिसंहर का दर्जा देते हुये वे लिखते हैं कि इस बकाया घटना का हमेशा के लिये हल निकालने का यह सही समय है ताकि आर्मीनियाई और तुर्क आगे बढ़ सकें और “अंततः एक दूसरे का साथ शाँतिपूर्वक जीना शुरु कर सकें”।
30 October 2007
ग्यूटेमाला: घर की याद आती है
ग्यूटेमाला में आंतरिक या बाहरी देशों को देशान्तरण आम बात है। संघर्ष और गंभीर गरीबी व हिंसा के सालों में अनेको ग्यूटेमालाई लोगों ने पाया कि उनके देश में अब संभावनायें नहीं बची हैं। नतीजतन असंख्य लोगों ने जीने के अन्य मौकों की तलाश में और अपने जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिये अपना घर छोड़ कर राजधानी या उत्तर की ओर रुख किया। निःसंदेह अपने परिवार व दोस्तों और अपने घर से दूर रहने को मजबूर कईयों की जिंदगी में अभूतपूर्व बदलाव भी आये।
16 August 2007

मोलडोवाः प्रवासी कामगार और अर्थव्यवस्था
मोलडोवा मैटर्स के मुताबिक, “टोगो के बाद मोलडोवा ऐसे देशों की कतार में दूसरा है जिनकी अर्थव्यवस्था प्रवासी कामगारों द्वारा विदेश से भेजे धन पर निर्भर है”





























आरएसएस फीड Migration & Immigration 




देबू भाई कुछ दिनों से मन में एक विचार चल रहा था, लोरियों को जमा...