जूलियो मोज़ाम्बीक में, जहाँ अनेक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, पाठशालाओं के नये सत्र की शुरुवात और देश में शिक्षा की दिक्कतों के बारे में लिखते हैं। “मैं तो शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में भी बात नहीं कर रहा। मैं सिर्फ बात कर रहा हूँ इस देश के हज़ारों बच्चों और युवाओं तक शिक्षा के पहुंच की।”
Latest stories परिचय Youth
2 June 2009
दुनिया भर से लोरियाँ, अरोरो में
अर्जेंटीना की एक कलाकार ग़ैबरीला गोल्डर ने अरोरो नामक परियोजना के तहत एक बीड़ा उठाया है, दुनिया भर से लोरियाँ खोज कर उन्हें रिकार्ड व संग्रहित करने का। राईसिंग वॉयसेज़ के निदेशक डेविड ससाकी ने 80+1 वेबसाईट पर ग़ैबरीला का साक्षात्कार रिकार्ड तो किया ही साथ ही ग्लोबल वॉयसेज़ के लेखकों और संपादकों को बचपन में सुनी लोरियाँ गा कर रिकार्ड करने की प्रेरणा भी दी।
24 June 2008
डोमिनिकन रिपब्लिक : स्कूली बच्चों को दिए जा रहे दूध पर प्रश्नचिह्न
फोटो – गिले पदिल्ला द्वारा, क्रियेटिव कॉमन्स लाइसेंस के तहत प्रयोग में लिया गया भले ही यह अप्रासंगिक सा प्रतीत होता हो, लेकिन डोमिनिकन रिपब्लिक में दुग्ध घोटाला कांड चहुँओर...
2 February 2008
कलकत्ता में नागरिक पत्रकारों का कमाल
नेबरहुड डॉयरीज़ परियोजना शुरु हुये आठ हफ्ते गुज़र चुके हैं। हर सोमवार शाम 6 से 8 बजे तक प्रतिभागी कोलकाता के बोउबाजार हाई स्कूल की तीसरी मंजिल पर जमा होते...
28 January 2008
8 December 2007

जमैका: कौड़ियों के दाम जिस्म
स्टनरर्स एफ्लिक्शन कहते हैं, “जी हाँ, ये नौ से ग्यारह जमात की लड़कियाँ अपने जिस्म महज़ 10 जमैकन डॉलर (लगभग 0.14 अमरीकी डॉलर या साढ़े 5 रुपये) में बेच रही हैं। इसे रोकने के लिये कुछ तो करना ही चाहिये।”
7 December 2007

मलेशियाः दूसरों के बैग से रखें परहेज़
रॉकी मलेशियाई लड़कियों को आगाह करते लिखते हैं कि वे विदेश प्रवास के समय दूसरों के बैग ढोने से बचें। हाल ही में ऐसी घटनायें हुई हैं जिनमें ड्रग स्म्गलरों ने मलेशियाई औरतों की जानकारी के बिना उनके बैगों को वाहक के रूप में इस्तेमाल किया।
27 November 2007

इरानः अमरीकी सैनिक और इराकी बच्चे
रज़ेनो ने इराक में बच्चों की देखरेख करते अमरीकी सैनिकों की कई तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इस चिट्ठाकार का कहना है कि इरानी मीडिया कभी ऐसी तस्वीरें नहीं छापता। भले ही युद्ध एक स्याह दास्तां हो पर इनमें मानवीय संवेदनायें भी तो शामिल रहती हैं।
आगे पढ़ें »16 October 2007
उत्सव, दावत और मुस्कुराहटों का दान
बीते शनिवार को तमाम विश्व के मुसलमानों ने रमजान की समाप्ति पर ईद-उल-फित्र का त्यौहार मनाया. चेन्नई के चिट्ठाकार अबुल कलाम अपना अनुभव बांट रहे हैं. उनके उत्साहित बच्चे अपने दोस्तों व पड़ोसियों को मिठाइयाँ बांट रहे हैं. उनकी सबसे छोटी पुत्री अपने गैर-मुसलिम दोस्तों की सहायता से रमजान के बारे में एक विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार कर रही है. आजाद सोच रहे हैं कि किसी दिन उनकी बेटी जरूर ही अपने दोस्तों के साथ मिल कर इसी तरह के प्रोजेक्ट, दीपावली पर काम करेगी.
9 September 2007

जापान: बंदूकनुमा लाईटर कांड पर विवाद
किक्को उस किस्से के बार में लिख रहे हैं (जापानी पोस्ट) जिसमें एक योकोहामा में एक कार्यविरत अधिकारी को इसलिये गिरफ्तार किया गया क्योंकि उसने कथित तौर पर बंदूकनुमा लाईटर को लहराते एक लड़के को पीटा। किक्को बताते हैं कि मीडिया ने घटना को तोड़ मरोड़ कर पेश किया, दरअसल वो लड़का और उसके कुछ दोस्त लाईटर से मज़ाक कर रहे थे और उन्हें ट्रेन स्टेशन के कर्मचारी ने रोका जिसकी बात उन्होंने मानी भी। पर इस अधिकारी ने लड़के को हंसते देखा और इस बात पर, कि लड़के को कोई पछतावा नहीं है, उसे इतना गुस्सा आया कि उसने लड़के को पीट दिया।
24 August 2007

ट्रिनीडाड व टोबैगो: काँडोम का तर्क
“सचाई ये है कि लोग यौन संबंध बना रहे हैं, चाहे अवैध हों या नहीं, और इनमें से भयावह तादात में हमारे मुल्क के लोग एचआईवी तथा अन्य STI (यौन जनित संक्रमण) से संक्रमित हो रहे हैं”। रैंबलिंग एंड रीज़न युवाओं को यौनिक रूप से जिम्मेदार बनाने के बारे में तर्क देते हुये लिखते हैं।”





























आरएसएस फीड Youth 





देबू भाई कुछ दिनों से मन में एक विचार चल रहा था, लोरियों को जमा...