जोशुआ फाउस्ट रपट दे रहे हैं कि लंदन स्थित उज़बेकिस्तानी दूतावास ने नाराज़ शब्दों में उन खबरों का खंडन किया है जिनमें ये आरोप लगाये गये थे कि वहाँ कपास चुनने के लिये बच्चों का इस्तेमाल होता है या उन्हें इस काम के लिये मजबूर किया जाता है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि सत्तावाद की बपौती के रूप में मिली प्राकृतिक आपदा, अक्षमता और मासूमों का शोषण उनके मुल्क की प्रगति की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है।
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3 November 2007
10 August 2007

उज़्बेकिस्तान: रूस की मदद
जमीयत लिखते हैं कि उज़्बेक व्यवसायी गफ़ूर राखीमोव ने सोची में होने वाले 2014 के शीतकालीन ओलम्पिक्स के आयोजन की दावेदारी जीतने में रूस की मदद की है।





























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देबू भाई कुछ दिनों से मन में एक विचार चल रहा था, लोरियों को जमा...