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	<title>ग्लोबल वायसेज़ हिन्दी में &#187; Morocco</title>
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	<description>पृथ्वी बातें कर रही है। क्या आप सुन रहे हैं?</description>
	<pubDate>Sun, 16 Nov 2008 09:59:40 +0000</pubDate>
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		<title>इस सप्ताह की चिट्ठाकारा : जिलियन यॉर्क</title>
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		<pubDate>Thu, 22 May 2008 08:12:28 +0000</pubDate>
		<dc:creator>raviratlami</dc:creator>
		
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सप्ताह के चिट्ठाकार में आज मोरक्को की लेखिका  जिलियन सी यॉर्क  से बातें करते हैं जो कि  वाइसेज विदाउट वोट्स  में भी नियमित लिखती रही हैं.  मेकेन्स, मोरक्को में दो साल बिताने के बाद वर्तमान में बोस्टन, अमरीका में निवास कर रहीं जिलियन स्वतंत्र लेखिका हैं, चिट्ठाकारा हैं तथा मोरक्को [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<div id="single" class="entry">
<p><img src="http://www.globalvoicesonline.org/wp-content/uploads/2008/05/jillian.jpg" alt="Jillian York" /></p>
<p>सप्ताह के चिट्ठाकार में आज मोरक्को की लेखिका  <a href="http://www.globalvoicesonline.org/author/jillian-york/"><em>जिलियन सी यॉर्क </em></a> से बातें करते हैं जो कि <em><a href="http://voiceswithoutvotes.org/author/jillian-york/" onclick="javascript:pageTracker._trackPageview ('/outbound/voiceswithoutvotes.org');"><em> वाइसेज विदाउट वोट्स </em></a></em> में भी नियमित लिखती रही हैं.  मेकेन्स, मोरक्को में दो साल बिताने के बाद वर्तमान में बोस्टन, अमरीका में निवास कर रहीं जिलियन स्वतंत्र लेखिका हैं, चिट्ठाकारा हैं तथा मोरक्को गाइड बुक की लेखिका भी हैं. वे अपने <a href="http://jilliancyork.com/" onclick="javascript:pageTracker._trackPageview ('/outbound/jilliancyork.com');">ब्लॉग</a> में नियमित लिखती रही हैं. लेखन, राजनीति, संगीत, सामाजिक सक्रियता तथा निवासी पत्रकारों (सिटिजन जर्नलिस्ट) के लेखन को पहचान प्रदान करना उनके पसंदीदा विषय रहे हैं. यह रहा जिलियन से लिया गया साक्षात्कार - जिससे आप उनके बारे में बहुत कुछ और जान सकेंगे:</p>
<p><strong>आपकी शैक्षणिक पृष्भूमि क्या है? </strong></p>
<blockquote><p>मैंने अमरीका के बिंघमटन विश्वविद्यालय से एक अतिरिक्त विषय नाट्यशास्त्र के साथ, समाजशास्त्र में स्नातक उपाधि प्राप्त की है.  मैंने समाजशास्त्र में अपनी पढ़ाई मध्यपूर्व तथा उत्तरी अफ्रीक्री देशों पर केंद्रित की थी तथा अपना शोधग्रंथ &#8216;अमरीकी मीडिया में अरबी लोगों के प्रति दृष्टिकोण&#39; विषय पर पूरा किया. मेरी पढ़ाई के विषय ने मुझे मोरक्को को करीब से देखने का मौका दिया.  मैंने अल अखवायन विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अरबी कार्यक्रम में भी हिस्ला लिया था और अमरीका वापस आने के बाद अगले वर्ष वहाँ वापस जाने की कोशिशें जारी रही थीं.</p></blockquote>
<p><strong>आपकी आजीविका क्या है? </strong></p>
<blockquote><p>मैं अभी अपने अंतिम लक्ष्य - पूर्णकालिक लेखिका बनने हेतु प्रयासरत हूं.  मोरक्को पहुंचने के थोड़े ही समय के बाद मैंने &#8216;कल्चर स्मार्ट! मोरक्को&#39; (रेंडम हाउस, 2006) लिखा और फिर तब से ढेरों आलेख लिखे. हाल ही में, मुझे मोरक्को में दो वर्ष के लिए अंग्रेजी पढ़ाने का अवसर भी मिला था जो मेरी अब तक की आजीविकाओं में सर्वाधिक आनंददायी रहा था!</p></blockquote>
<p><strong> जिलियन यॉर्क कौन है ? कौन सी चीजें आपको आकर्षित करती हैं और किन चीजों से आपको चिढ़ मचती है ?</strong></p>
<blockquote><p>निश्चित रूप से मैं &#8216;टाइप ए&#39; क़िस्म की व्यक्ति हूं जो अधिक से अधिक काम करने में विश्वास रखते हुए हमेशा व्यस्त रहते हैं. मुझे चिट्ठाकारी व नया मीडिया आकर्षित करता है - मैं पहली चिट्ठाकारा थी जिसने मोरक्को के बारे में अंग्रेजी में पहली मर्तबा लिखा. और जब मैं मोरक्को में थी तो मैंने उदीयमान होते ब्लोगोमा (मोरक्को चिट्ठाजगत्) को देखा जो अब तेजी से पैर पसार रहा है. चिट्ठाकारी एक ऐसा चकित कर देने वाला माध्यम है जो एक साधारण व्यक्ति को भी अपने मन की बात सबके सामने बिना किसी परेशानी के रख देने की सुविधा तो देता ही है,  हम सभी को विभिन्न सांस्कृतिक ढांचों के बारे में जानने समझने का बेहतरीन माध्यम भी प्रदान करता है (तब भी जब हम एक दूसरे के लिए अधिक अजूबे न हों!). और, जहाँ तक उन चीजों के बारे में, जिनसे मुझे चिढ़ है - तो वे भी बहुत सी हैं, परंतु यदि अभी की बात लें तो वो है पूर्वग्रह ग्रस्त अमरीकी मीडिया.  कोई भी अमरीकी जो अमरीका से बाहर हफ़्ता दो हफ़्ता भी गुजार आता है वो ये समझ सकता है कि मुझे कैसा महसूस होता होगा.  विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता के मामले में मोरक्को कोई गढ़ तो नहीं है, परंतु वहां पर वैश्विक समाचारों पर आपकी पहुँच यहाँ अमरीका से कहीं ज्यादा बेहतर है.</p></blockquote>
<p><strong>आप कितने समय से चिट्ठाकारी कर रही हैं और क्यों?</strong></p>
<blockquote><p>मैंने 2005 में चिट्ठा लेखन प्रारंभ किया - तब, जब मैं मोरक्को पहली मर्तबा गई थी और तब से मैं अपने उस गोद लिए देश मोरक्को के बारे में लिखती आ रही हूं. पिछले अगस्त में अमरीका वापस आने के बाद भी.</p></blockquote>
<p><strong>आप जीवीओ की सदस्या कब से हैं और क्यों?</strong></p>
<blockquote><p>अप्रैल 2006 से - मैं उगते बढ़ते मोरक्को ब्लॉगमा में ज्यादा से ज्यादा शामिल होना चाहती थी और इसी कारण मैंने जीवीओ के क्षेत्रीय मध्य-पूर्व व उत्तरी अफ्रीकी संपादक अमीरा अल हुसैनी से संपर्क किया. और फिर, बाकी का सारा तो इतिहास में दर्ज हो चुका है.</p></blockquote>
<p><strong>आपके अपने ब्लॉगजगत् को कौन सी चीजें प्रभावित करती हैं ?</strong></p>
<blockquote><p>मोरक्को ब्लॉगोमा के साथ ये सौभाग्य है कि यहाँ के लेखक मनमर्जी के विषय चुनने के लिए पूरे स्वतंत्र हैं.  दुर्भाग्यवश, मोरक्को में भी इंटरनेट पर कुछ सेंसरशिप लागू है - जिसमें यूट्यूब, गूगल अर्थ तथा लाइवजर्नल (एक प्रमुख ब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म)  पर प्रतिबंध प्रमुख हैं. एक अन्य समस्या है वो ये है कि पश्चिमी सहारा समस्याओं पर ब्लॉग लेखन पर सेंसरशिप - ये प्रतिबंध विरोध के दृष्टिकोणों को प्रसारित प्रचारित होने से रोकने के लिए लगाए गए हैं.</p></blockquote>
<p><strong>चिट्ठाकारी के अपने सबसे बेहतरीन पलों को साझा करना चाहेंगीं?</strong></p>
<blockquote><p>जब <a href="http://www.globalvoicesonline.org/2008/01/16/a-muslim-britney-spears/">ब्रिटनी स्पीयर्स</a> ने इस्लाम धर्म अपनाना चाहा? चलिए, ये तो मजाक था! चिट्ठाजगत् के मेरे यादगार पल वे हैं जब मैं मोरक्को में रहती थी और यूट्यूब जैसी साइटों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे थे तब मैं मोरक्को मीडिया में छाई हुई थी. मैंने तब इस महत्वपूर्ण समाचार को बड़े समाचार साइटों से पहले अपने ब्लॉग पोस्ट के जरिए ब्रेक किया था.</p></blockquote>
<p><strong>आप अपना खाली समय कैसे गुजारती हैं? </strong></p>
<blockquote><p>जब भी वो मुझे मिलता है  (अब तो यदा कदा ही मिल पाता है ), तो मैं किताबें पढ़ती हूं. मैं अपना बहुत सारा समय (जाहिर है) ऑनलाइन गुजारती हूँ - पर वो किसी न किसी रूप में किसी न किसी कार्य से जुड़ा हुआ होता है.</p></blockquote>
<p><strong>आपकी पढ़ी ताजातरीन किताब कौन सी है? आप उसके बारे में कुछ हमें भी बताएंगीं ?</strong></p>
<blockquote><p>अभी मैं डेव ईगर की किताब &#8216;यू शैल नो योर वेलोसिटी!&#39; पढ़ रही हूं जो कि उनके संस्मरण - &#8216;अ हर्टब्रेकिंग वर्क ऑफ़ स्टैगरिंग जीनियस&#39; से बिलकुल अलग है. मैंने इस किताब को अभी पढ़ना शुरू ही किया है. परंतु एक बात मैं कहना चाहूंगी कि डेव ईगर का लेखन मुझे कई स्तरों पर प्रभावित करता है. खासतौर पर उनके अनुभाव (और करुणा) जो अगली पीढ़ी के लेखकों को वे देना चाहते हैं.</p></blockquote>
<p><strong>आमतौर पर आप किन विषयों पर चिट्ठा लिखती हैं ?</strong></p>
<blockquote><p>पिछले तीन वर्षों के दौरान मैंने मोरक्को के बारे में ( <a href="http://www.moroccosavvy.com/taamarbuuta" onclick="javascript:pageTracker._trackPageview ('/outbound/www.moroccosavvy.com');"> द मोरक्को रिपोर्ट</a>) पर लिखा है. हालांकि बहुत सारा जो मैंने लिखा है वो मेरे अपने अनुभव व विचार हैं, पर मैंने बहुत से समाचारों की रपट व दुबारा रपट भी दी है. दूसरे चिट्ठाकारों के विचारों के बारे में भी लिखा है. मेरे  <a href="http://jilliancyork.com/" onclick="javascript:pageTracker._trackPageview ('/outbound/jilliancyork.com');">नए ब्लॉग </a> में  भिन्न विषय हैं . मोरक्को के बारे में तीन साल तक लिख चुकने के बाद मुझे लगा कि अब समय आ गया है कि कुछ और विषय लिया जाए. हालांकि मैं द मोरक्को रिपोर्ट में ब्लॉग लेखन जारी रखूंगी, मगर अब मैं बोस्टन में रहती हूं और मैं चाहती हूं कि उसकी कुछ झलक मेरी लेखनी से भी झलके.</p></blockquote>
<p><strong>मोरक्को तथा वहां के चिट्ठाजगत् से आपकी क्या आशाएं हैं?</strong></p>
<blockquote><p>मोरक्को एक अतुल्य देश है. पिछले 50 वर्षों में इस देश ने जो तकनालॉजी में विकास देखे हैं, वो कहीं और 100 वर्षों में भी संभव नहीं हो पाते. मोरक्को नवीनतम तकनालॉजी को विस्मयकारक तेजी से अपनाता है. पिछले सात-आठ वर्षों में इंटरनेट यहाँ एक बहुत बड़ी शक्ति बनकर उभरा है.  पिछले तीन वर्षों में सैकड़ों नए ब्लॉग और फ़ोरम बने हैं.  मैं जहां तक समझती हूं, कि सभी ब्लॉग महत्वपूर्ण हैं और खासकर ब्लॉगोमा, पर मैं चाहती हूं कि अधिक से अधिक मोरक्कोवासी इस माध्यम का प्रयोग महत्वपूर्ण विषयों पर वादविवाद हेतु करें.  दुर्भाग्य से वहां पर चिट्ठों को राजनीतिक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में प्रयोग किए जाने के खतरे भी हैं (<a href="http://www.globalvoicesonline.org/2008/02/24/morocco-no-justice-for-fouad-mourtada/"> फोआद मोरतादा</a> के विरुद्ध हालिया प्रकरण के संदर्भ में ये सही भी प्रतीत होता है).</p></blockquote>
<p><strong>फरवरी में आपने 10 सदस्यीय जीवी कंटिन्जेंट टू <a href="http://ifocos.org/we-media-miami-2008/" onclick="javascript:pageTracker._trackPageview ('/outbound/ifocos.org');"> वीमीडिया</a> की सदस्यता ली. क्या आप हमें   <a href="http://www.caribbeanfreeradio.com/blog/2008/02/26/global-voices-bloggers-not-cause-of-power-outage-in-south-florida/" onclick="javascript:pageTracker._trackPageview ('/outbound/www.caribbeanfreeradio.com');"> जीवीओ हाउस</a> में अपने ठहरने के तथा अन्य जीवींअर्स के साथ रहने के अनुभवों के बारे में बता सकती हैं? आपका अनुभव क्या रहा? क्या आप अन्य जीवीअर्स से जल्द से जल्द मिलने को बेताब हैं? </strong></p>
<blockquote><p>वीमीडिया का अनुभव शानदार रहा!  अन्य जीवीअर्स से पहली मर्तबा मिलना अलौकिक अनुभव था&#8230; जब आप इंटरनेट की आभासी दुनिया में इतने सारे लोगों से नित्य मिलते हैं तो लगता है कि आप उन्हें अच्छे से जानते समझते हैं. वहां तो कई ऐसे भी मिले जिनसे मेरी कभी ऑनलाइन मुलाकातें भी नहीं थीं, और हम दोस्त बन गए. इस जून में बुडापेस्ट में होने जा रहे  <a href="http://summit08.globalvoicesonline.org/">जीवी समिट</a> का मुझे बेसब्री से इंतजार है.</p></blockquote>
<p><strong>कुछ अंतिम विचार?</strong></p>
<blockquote><p>मुझे खुशी है कि मैं ग्लोबल वाइसेज का एक हिस्सा हूं.  मैंने कोई साल भर पहले जीवी के लिए लिखना प्रारंभ किया था तो मुझे ये भान नहीं था कि मैं कितनी बड़ी संस्था से जुड़ रही हूं. पर अब मैं अपने उस निर्णय पर खुश हूं!</p></blockquote>
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