स्टनरर्स एफ्लिक्शनकहते हैं, “जी हाँ, ये नौ से ग्यारह जमात की लड़कियाँ अपने जिस्म महज़ 10 जमैकन डॉलर (लगभग 0.14 अमरीकी डॉलर या साढ़े 5 रुपये) में बेच रही हैं। इसे रोकने के लिये कुछ तो करना ही चाहिये।”
चिट्ठाकार टूकोल्डकहते हैं (चीनी भाषाई पोस्ट) कि चीनी लोगों को विदेशी मीडिया व विदेशियों की टिप्पणीयों से इतनी आसानी से उत्तेजित नहीं हो जाना चाहिये। उनका इशारा अदाकारा शेरोन स्टोन के चीन में आये हालिया भूकंप को तिब्बत समस्या से जोड़ कर दिये वक्तव्य की और था। चिट्ठाकार ने लिखा है कि चीनी मीडिया ने भी अन्य देशों में घटी ऐसी दुर्भाग्यशाली घटनाओं पर पहले बेदर्दी से टिप्पणीयाँ की हैं।
एक भारतीय वेबसाईट kerals.com ने ब्लॉग से सामग्री चोरी करने के एक चिट्ठाकार के आरोप का जवाब देने का नया तरीका अपनाया। धमकियों और गालियों के माध्यम से। विस्तृत जानकारी जिंजर एंड मेंगो चिट्ठे पर।
दक्षिण अफ्रीका में विदेशी व बाहरी लोगों पर हुये हालिया हमलों के लिये डेविड सरकार को दोषी ठहराते हैं: “विदेशियों से जितनी नफरत दक्षिण अफ्रीकी करते हैं उतना शायद कोई नहीं करता। दक्षिण अफ्रीका आधिकारिक रूप से विश्व का सर्वाधिक ज़ीनोफोबिक (xenophobic) देश माना जाता है। नफरत तक ठीक है पर 50 अप्रवासियों की हत्या के गुनाह का क्या अर्थ है? राष्ट्रपति थाबो म्बेकी ने इस कृत्य को शर्मनाक बताया हे पर मैं मानता हूं कि यह घृणित काम है। यह कानूनन जुर्म है और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिये।”
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।
आन्ध्रप्रदेश के कई जिलों में यह काम एक कटोरी चावल के एवज में होता है। वैसे अनुदित के बजाय अनूदित होना चाहिए।
Debashish Replied: त्रुटिसुधार कर लिया गया है।